पर अब हम खुद को फिर से तुमसे दूर करने की कोशिश करते हैं।
कभी सोचा नहीं था कि तुझसे इस कदर बिछड़ जाऊंगा, सपने तो तेरे देखे थे, पर अकेले जीना सीख जाऊंगा।
अब शिकवा किससे करें, जब अपने ही गैर हो जाएं।
कभी लगा था तुमसे दूर हो कर जी नहीं सकते,
तेरी मोहब्बत अधूरी रह गई, पर मेरी तन्हाई पूरी हो गई।
तेरा नाम तक जुबां पर नहीं लाते हम, पर तेरी यादें दिल से जाती ही नहीं।
अब हर रास्ता खाली और हर मंजिल बेकार लगती है…!!!
अब तुमसे दूर होकर महसूस होता है, कि Sad Shayari कुछ भी अधूरा था…!!!
अब खामोश हूँ, क्योंकि शब्दों से ज्यादा दर्द शब्दों में लाने की ताकत नहीं रही,
तेरा होना भी क्या हुआ, जब तू मेरा था ही नहीं!
लेकिन तुम्हारे बिना जीने का तरीका अब बहुत मुश्किल हो गया है…!!!
कोई समझे तो दिल की चुप्पी भी बहुत कुछ कहती है,
बातें तो बहुत थीं कहने को, पर वो इतना दूर चला गया कि खामोश रहना पड़ा।
हम उस तकदीर के सबसे पसंदीदा खिलौना हैं, …